गर्मियों में मिट्टी के बर्तन में जमाया हुआ दही है 'अमृत' के समान : स्वाद के साथ सेहत को भी मिलते हैं ये बेमिसाल फायदे

गर्मियों में मिट्टी के बर्तन में जमाया हुआ दही है 'अमृत' के समान : स्वाद के साथ सेहत को भी मिलते हैं ये बेमिसाल फायदे

नई दिल्ली। भीषण गर्मी के मौसम में शरीर को अंदरूनी ठंडक पहुँचाने के लिए दही का सेवन सबसे उत्तम माना जाता है। वैसे तो लोग स्टील या प्लास्टिक के बर्तनों में दही जमाते हैं, लेकिन पुराने समय से चली आ रही मिट्टी के बर्तन (Clay Pots) में दही जमाने की परंपरा के पीछे गहरे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य कारण छिपे हैं।  मिट्टी के हांडी में जमा दही न केवल अधिक स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है।

मिट्टी के बर्तन में दही जमाने के प्रमुख फायदे

1. गाढ़ा और मलाईदार दही

मिट्टी के बर्तनों में सूक्ष्म छिद्र (Pores) होते हैं, जो दूध के अतिरिक्त पानी को सोख लेते हैं। इससे दही प्राकृतिक रूप से गाढ़ा और मलाईदार जमता है। स्टील के बर्तनों की तुलना में इसमें दही का टेक्सचर बहुत ही बेहतरीन होता है।

2. पीएच लेवल (PH Level) का संतुलन

मिट्टी स्वभाव से क्षारीय (Alkaline) होती है, जबकि दही अम्लीय (Acidic) होता है। जब दही मिट्टी के बर्तन में जमता है, तो मिट्टी इसके अम्लीय स्तर को संतुलित कर देती है। इससे दही बहुत ज्यादा खट्टा नहीं होता और उसका स्वाद लंबे समय तक बना रहता है।

3. भरपूर मिनरल्स और पोषक तत्व

मिट्टी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस जैसे प्राकृतिक खनिज पाए जाते हैं। जब हम इसमें दही जमाते हैं, तो ये मिनरल्स दही में मिल जाते हैं, जिससे इसकी पौष्टिकता कई गुना बढ़ जाती है।

4. प्राकृतिक ठंडक और सोंधी खुशबू

मिट्टी के बर्तन में जमने वाले दही में एक विशेष 'सोंधी' खुशबू आती है जो भूख बढ़ाती है। साथ ही, मिट्टी का बर्तन तापमान को नियंत्रित रखता है, जिससे दही गर्मी के बावजूद प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है।

मिट्टी के बर्तन में दही जमाने का सही तरीका

  • सबसे पहले मिट्टी की हांडी को अच्छे से धोकर सुखा लें।

  • दूध को अच्छी तरह उबालकर गुनगुना होने दें।

  • गुनगुने दूध को मिट्टी के बर्तन में डालें और इसमें एक चम्मच 'जामन' (दही) मिलाएं।

  • बर्तन को ढंक कर 5-6 घंटे के लिए किसी स्थिर जगह पर रख दें।

सेहत के लिए क्यों है जरूरी?

मिट्टी के बर्तन में जमा दही प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत होता है, जो हमारे पाचन तंत्र (Gut Health) को मजबूत बनाता है। यह पेट की जलन, एसिडिटी और गर्मियों में होने वाली लू से बचाने में भी कारगर है।