LPG, CNG, PNG और LNG: नाम एक जैसे पर काम अलग, जानिए आपकी रसोई से लेकर कार तक पहुँचने वाली इन गैसों में क्या है अंतर?

LPG, CNG, PNG और LNG: नाम एक जैसे पर काम अलग, जानिए आपकी रसोई से लेकर कार तक पहुँचने वाली इन गैसों में क्या है अंतर?

नई दिल्ली। हमारे घरों और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली गैसें—LPG, CNG, PNG और LNG—दिखने में एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन इनकी रासायनिक संरचना और उपयोग की तकनीक पूरी तरह भिन्न है। रसोई गैस के रूप में प्रसिद्ध LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) दरअसल प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण है, जिसे भारी दबाव के साथ सिलेंडरों में भरा जाता है। इसके उलट, पाइप के जरिए सीधे चूल्हे तक पहुँचने वाली PNG (पिप्ड नेचुरल गैस) अधिक सुरक्षित और हल्की होती है, जो प्राकृतिक रूप से मीथेन पर आधारित है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वाहनों को रफ्तार देने वाली CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) को उच्च दबाव पर संकुचित किया जाता है ताकि यह कम जगह घेरे और पेट्रोल के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाए। वहीं, LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) वह रूप है जिसे बेहद कम तापमान (-162 डिग्री सेल्सियस) पर ठंडा कर तरल बनाया जाता है, जिससे इसे जहाजों के जरिए एक देश से दूसरे देश तक आसानी से पहुँचाया जा सके। विज्ञान के ये अलग-अलग रूप न केवल हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।