एपस्टीन फाइल्स का धमाका: अमेरिका से यूरोप तक मची खलबली, कई बड़े दिग्गजों ने दिया इस्तीफा

एपस्टीन फाइल्स का धमाका: अमेरिका से यूरोप तक मची खलबली, कई बड़े दिग्गजों ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली/वॉशिंगटन। कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े गुप्त दस्तावेजों (Epstein Files) के सार्वजनिक होने के बाद पूरी दुनिया में राजनीतिक और प्रशासनिक भूचाल आ गया है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी इन फाइलों में कई शक्तिशाली नेताओं, राजनयिकों और अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। ईमेल, वित्तीय लेन-देन और निजी मुलाकातों के खुलासे के बाद अब तक अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और नॉर्वे जैसे देशों में कई बड़े पदों पर बैठे लोगों को इस्तीफा देना पड़ा है।

ब्रिटेन: पीएम के खास सहयोगी का इस्तीफा

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन पर आरोप था कि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने की विवादास्पद सलाह दी थी। मैकस्वीनी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पद छोड़ने का फैसला किया।

नॉर्वे और फ्रांस में प्रशासनिक संकट

  • नॉर्वे: वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल ने एपस्टीन के साथ संबंधों के कारण पद छोड़ दिया है। जूल पहले संयुक्त राष्ट्र, इजरायल और ब्रिटेन में नॉर्वे की राजदूत रह चुकी हैं। उनके इस्तीफे को यूरोप में बढ़ रहे इस विवाद का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।

  • फ्रांस: पूर्व मंत्री और सांस्कृतिक संस्थान के प्रमुख जैक लैंग ने भी फाइलों में नाम आने और सार्वजनिक दबाव के चलते अपना पद त्याग दिया है।

अमेरिका: एफबीआई और कॉर्पोरेट जगत पर असर

अमेरिका में भी इन खुलासों का गहरा असर देखने को मिला है:

  • डैन बोंजिनो: एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर ने विवादों के बीच पद छोड़ दिया। हालांकि उनके सीधे संबंध साबित नहीं हुए, लेकिन फाइलों से उपजे दबाव के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

  • ब्रैड कार्प: एक बड़ी लॉ फर्म के चेयरमैन ने एपस्टीन के साथ ईमेल संपर्क सामने आने के बाद फरवरी 2026 में इस्तीफा दे दिया।

  • लैरी समर्स: पूर्व आर्थिक सलाहकार ने एक प्रमुख बोर्ड पद छोड़ते हुए स्वीकार किया कि एपस्टीन से संपर्क रखना उनकी एक बड़ी भूल थी।

अन्य देशों का हाल

स्लोवाकिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजचाक और स्वीडन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी एपस्टीन के निजी द्वीप से जुड़े आरोपों और ईमेल विवाद के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

क्या है पूरा मामला?

विशेषज्ञों का कहना है कि ये इस्तीफे केवल अपराध साबित होने की वजह से नहीं, बल्कि संस्थाओं की साख बचाने और सार्वजनिक नैतिकता के दबाव में दिए जा रहे हैं। जेफरी एपस्टीन, जिसकी 2019 में जेल में मौत हो गई थी, पर नाबालिगों के यौन शोषण और तस्करी का नेटवर्क चलाने का आरोप था। अब सामने आ रही फाइलें उन प्रभावशाली लोगों की पोल खोल रही हैं जो किसी न किसी रूप में उससे जुड़े थे।