ब्लैक होल: ब्रह्मांड की वो अनसुलझी पहेली, जिसके चंगुल से प्रकाश भी नहीं बच सकता

ब्लैक होल: ब्रह्मांड की वो अनसुलझी पहेली, जिसके चंगुल से प्रकाश भी नहीं बच सकता

नई दिल्ली। ब्रह्मांड अनंत रहस्यों से भरा है, लेकिन इनमें सबसे डरावना और रोमांचक नाम 'ब्लैक होल' का है। अंतरिक्ष का यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ विज्ञान के सामान्य नियम भी काम करना बंद कर देते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ये ब्लैक होल क्या हैं और इन्हें ब्रह्मांड का 'दानव' क्यों कहा जाता है।

1. क्या होता है ब्लैक होल? (The Science of Darkness)

ब्लैक होल अंतरिक्ष में एक ऐसी जगह है जहाँ गुरुत्वाकर्षण बल (Gravity) इतना अधिक शक्तिशाली होता है कि वहां से कुछ भी बाहर नहीं निकल सकता। इसकी शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्रह्मांड की सबसे तेज गति से चलने वाली चीज, यानी 'प्रकाश' (Light) भी इसमें समा जाने के बाद वापस नहीं लौट पाता। चूँकि इससे प्रकाश बाहर नहीं आता, इसलिए इसे सीधे तौर पर देखा नहीं जा सकता; यह पूरी तरह अदृश्य होता है।

2. कैसे बनते हैं ये 'अदृश्य शिकारी'?

ब्लैक होल का जन्म तब होता है जब कोई विशाल तारा (Massive Star) अपने जीवन के अंत में अपने ही भीतर सिमटने लगता है। जब तारे का सारा ईंधन खत्म हो जाता है, तो वह एक जबरदस्त विस्फोट के साथ खत्म होता है जिसे 'सुपरनोवा' कहते हैं। इसके बाद जो अत्यधिक सघन (Dense) केंद्र बचता है, वह ब्लैक होल बन जाता है।

3. 'इवेंट होराइजन': लौटने का कोई रास्ता नहीं

ब्लैक होल के चारों ओर एक काल्पनिक सीमा होती है जिसे 'इवेंट होराइजन' (Event Horizon) कहा जाता है। इसे "वापसी न होने वाला बिंदु" भी कहते हैं। यदि कोई वस्तु या प्रकाश इस सीमा को पार कर लेता है, तो वह हमेशा के लिए ब्लैक होल के केंद्र (Singularity) में खिंच चला जाता है।

4. समय और गुरुत्वाकर्षण का गणित

आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत (General Theory of Relativity) के अनुसार, ब्लैक होल के पास गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक होता है कि यह 'समय' (Time) को भी धीमा कर देता है। वैज्ञानिक रूप से, यदि आप किसी ब्लैक होल के करीब जाते हैं, तो आपके लिए समय पृथ्वी पर मौजूद लोगों की तुलना में बहुत धीरे चलेगा।

5. हम ब्लैक होल को कैसे देखते हैं?

चूँकि ब्लैक होल काले होते हैं और प्रकाश नहीं छोड़ते, इसलिए वैज्ञानिक इन्हें खोजने के लिए टेलिस्कोप की मदद से यह देखते हैं कि उनके आसपास के तारों और गैसों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। जब कोई गैस या तारा ब्लैक होल के पास पहुँचता है, तो वह बहुत तेज गति से उसके चारों ओर घूमने लगता है और अत्यधिक गर्मी व रोशनी पैदा करता है, जिससे ब्लैक होल की उपस्थिति का पता चलता है।

रोचक तथ्य:

  • हमारी गैलेक्सी में भी है ब्लैक होल: हमारी आकाशगंगा (Milky Way) के केंद्र में भी 'सैजिटेरियस ए*' (Sagittarius A*) नाम का एक विशाल ब्लैक होल स्थित है।

  • पहला चित्र: साल 2019 में वैज्ञानिकों ने 'इवेंट होराइजन टेलिस्कोप' की मदद से पहली बार किसी ब्लैक होल (M87*) की वास्तविक तस्वीर दुनिया के सामने पेश की थी।