VIDEO : अचानकमार में बाघ देख पर्यटकों में हर्ष,वन मंत्री केदार कश्यप कहा-बाघ के संरक्षण में यह उपलब्धि प्रशंसनीय
रायपुर। अचानकमार ATR में बाघ देख पर्यटकों में हर्ष की लहर है। वन विभाग के समुचित और सुरक्षित प्रयत्नों के द्वारा बाघ के संरक्षण में यह उपलब्धि प्रशंसनीय है। यह बातें वनमंत्री केदार कश्यप ने कही।
प्रदेश में इन दिनों पर्यटकों को बाघ का दीदार होने लगा हैं। अब अचानकमार टाइगर रिजर्व में शनिवार को एक साथ तीन जिप्सी पर्यटकों ने भ्रमण के दौरान प्रत्यक्ष रूप से बाघ को देखा।
अंबिकापुर के पर्यटकों ने तो बकायदा जंगल में बाघ के चलते हुए वीडियो भी अपने मोबाइल पर कैद किया और टाइगर रिजर्व प्रबंधन को शेयर किया। जिसे देखने इतनी दूर से पर्यटक पहुंचे थे, उसे सामने देख मन खुशी से झूम उठा।
अचानकमार टाइगर रिजर्व की हमेशा से बाघ को लेकर किरकिरी होती रही है। पर्यटकों के बीच यह शिकायत रहती है कि यह बाघ संरक्षित क्षेत्र है। लेकिन जब भी जाओ, बाघ दिखाई नहीं देता। पर्यटक तो यहां तक कहने से नहीं चूकते कि अचानकमार में बाघ है ही नहीं। लेकिन, अब समय बदल रहा है। बेहतर प्रबंधन और नियमित मॉनिटरिंग का प्रभाव है कि कान्हा, बांधवगढ़ व पेंच से टाइगर रिजर्व की तरह यहां भी पर्यटक प्रत्यक्ष बाघ का दीदार कर पा रहे हैं।
शनिवार को दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे के पाली में शिवतराई से तीन जिप्सी की बुकिंग थी। इनमें से पहली जिप्सी अंबिकापुर से आए पर्यटकों ने कराई थी। भ्रमण के दौरान उन्होंने ही सबसे पहले बाघ को जंगल में विचरण करते देखा। पर्यटकों की नजर जैसे ही बाघ पर पड़ी, उन्होंने तत्काल चालक को जिप्सी रोकने के लिए कहा। इसके बाद वह वीडियो बनाने लगे। उनके गुजरते ही दूसरी और थोड़ी देर बाद तीसरी जिप्सी पहुंची। इन दोनों जिप्सी में सवार पर्यटकों ने बाघ को मन भर देखा।
अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन के रिकार्ड में 10 से 11 बाघ हैं। फोर फेस मानिटरिंग के दौरान दल को पद चिन्ह मिले और ट्रैप कैमरे भी उनकी तस्वीर कैद हुई है। कुछ शावक भी हैं। जिनकी संख्या प्रबंधन ने अब तक उजागर नहीं किया गया है। प्रबंधन का मानना है कि आने वाले दिनों में अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघ हर दिन पर्यटकों को नजर आएगा। प्रबंधन कुनबा बढ़ाने के लिए भारी जद्दोजहद कर रहा है। सुरक्षा को लेकर पेट्रोलिंग टीम भी बनाई गई है, जो केवल बाघों की मानिटरिंग करती है।

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