पंडवानी की स्वर सम्राज्ञी तीजन बाई के निधन पर देशभर में शोक, राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक ने दी श्रद्धांजलि
रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोककला पंडवानी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण सम्मानित लोकगायिका तीजन बाई के निधन पर देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक राष्ट्रीय नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने शोक संदेश में कहा कि तीजन बाई का निधन भारतीय लोककला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली प्रस्तुति और अद्वितीय शैली से महाभारत की कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी साधना, समर्पण और असाधारण प्रतिभा के बल पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पंडवानी परंपरा को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पंडवानी कला को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कला और सांस्कृतिक योगदान सदैव याद किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय कला एवं संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा और समर्पण से पंडवानी लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की इस लोक परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी गायकी और प्रस्तुति से लोककला के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन कला जगत के लिए बड़ी क्षति है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई ने अपनी विलक्षण कला, सशक्त अभिव्यक्ति और संगीत साधना के माध्यम से पंडवानी परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने भारतीय लोकसंस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देश और प्रदेश के अनेक राजनीतिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक हस्तियों ने भी तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सभी ने छत्तीसगढ़ की लोककला पंडवानी के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को अविस्मरणीय बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
तीजन बाई का निधन केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि भारतीय लोककला और सांस्कृतिक जगत के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है। उनकी कला, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

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