रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) रायपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र के प्रभाव से 31 अगस्त से लेकर अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
इन संभागों और जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में मानसूनी बारिश का असर सबसे अधिक देखा जाएगा। बस्तर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं, सरगुजा संभाग के जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
तापमान में गिरावट और जलभराव का खतरा
लगातार बारिश के चलते प्रदेश भर के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय नदियों व बरसाती नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मौसम विभाग की मुख्य चेतावनियां और बचाव के उपाय
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आकाशीय बिजली से सावधान रहें: बारिश और बादलों की गरज के समय खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
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नदी-नालों को पार करने से बचें: उफान पर चल रहे रपटों, पुलियाओं और बरसाती नालों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
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किसानों के लिए सलाह: जिन खेतों में पानी ठहरने की समस्या है, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।
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यातायात में सतर्कता: तेज बारिश के कारण दृश्यता कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने की वजह से वाहन धीमी गति से चलाएं।