रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार शाम हुई 30 से 45 मिनट की तेज बारिश ने नगर निगम के जलभराव रोकने के दावों की पोल खोल दी। पहली ही बारिश में शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालियां ओवरफ्लो हो गईं, कई नाले चोक हो गए और सड़कों पर पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हो गया। शहर की एक दर्जन से अधिक निचली बस्तियों में पानी घरों तक पहुंच गया, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर घंटों तक यातायात बाधित रहा।
बारिश के बाद शंकर नगर, जीई रोड, कोटा रोड, गुढ़ियारी, कचना, मोवा और सड्डू सहित कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। लोगों को जलभराव और अव्यवस्थित यातायात के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हर वर्ष की तरह इस बार भी बोरियाखुर्द, प्रोफेसर कॉलोनी, मोवा, शैलेंद्र नगर और अन्य निचले क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या सामने आई।
नगर निगम और महापौर द्वारा पिछले कई महीनों से शहर में जलभराव की समस्या नहीं होने के दावे किए जा रहे थे। नालों और नालियों की सफाई के लिए विशेष अभियान भी चलाया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। कई स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
गुढ़ियारी अंडरब्रिज में एक बार फिर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। हालात ऐसे बने कि पुलिस को बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी और लोगों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ा।
बारिश के दौरान भनपुरी, लोधीपारा चौक से पंडरी पुराना बस स्टैंड, सुयश अस्पताल के सामने, रामनगर पीएचसी क्षेत्र, तेलघानी चौक से स्टेशन रोड, एकात्म परिसर, प्रोफेसर कॉलोनी, भाठागांव, बोरियाखुर्द, नलघर चौक, मोतीबाग, कटोरा तालाब, बूढ़ातालाब गार्डन रोड, डंगनिया रोड, बीएसएनएल कार्यालय के सामने, मोवा, जयस्तंभ चौक, राजातालाब बस्ती और केनाल रोड सहित अनेक इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई।
नगर निगम द्वारा नालों की सफाई के लिए तीन चरणों में अभियान चलाया गया था। महापौर मीनल चौबे ने विभिन्न वार्डों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे, लेकिन बारिश के दौरान इन प्रयासों का अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दिया। बताया जा रहा है कि सफाई अभियान का तीसरा चरण पूरा होने से पहले ही बारिश शुरू हो गई।
विपक्ष ने भी नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि पहली ही बारिश में निगम की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जलनिकासी व्यवस्था को लेकर किए गए दावे धरातल पर सफल नहीं हो सके और इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक अव्यवस्था ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसून से पहले किए गए तैयारियों और सफाई कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या थी। फिलहाल नागरिकों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में नगर निगम जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।