संघ में प्रांत प्रचारक का पद समाप्त छत्तीसगढ़ में बनेंगे दो संभाग!

संघ में प्रांत प्रचारक का पद समाप्त छत्तीसगढ़ में बनेंगे दो संभाग!

रायपुर (चैनल इंडिया)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हाल ही में हुए सम्मेलन में शताब्दी वर्ष में संगठन के ढांचे की समीक्षा की गई। उसमें संघ के विकेंद्रीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें माना गया है कि संघ के विकेंद्रीकरण से समाज सेवा या समाज सुधार के कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा और इससे मजबूती भी मिलेगी। संघ सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी प्रांत प्रचारक टोपलाल वर्मा हैं और संघ प्रचारक के रूप में डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना काम कर रहे हैं। संघ ने प्रांत प्रचारक का पद नीतिगत रूप से खत्म करने का फैसला कर लिया है। माना जा रहा है कि वर्तमान प्रांत प्रचारक को नई जिम्मेदारी दी जा सकती है, यह जिम्मेदारी क्या होगी अभी तय नहीं है।
 संघ सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में केवल दो संभाग बनने की संभावना है। मध्यप्रदेश में तीन संभाग बनाए जाने की सूचना आ रही है। छत्तीसगढ़ में प्रशसानिक हिसाब से रायपुर, दुर्ग, बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग हैं। जबकि संघ के सांगठनिक ढांचे में दो संभाग ही बनने जा रहे हैं। एक संभाग में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग को रखा जाएगा। जबकि दूसरे संभाग में बिलासपुर और सरगुजा संभाग की सीमाएं रहेंगी। यह भी कहा जा रहा है कि अभी रायपुर और बिलासपुर या सरगुजा में नियुक्त पदाधिकारियों में से ही किसी को संभाग प्रचारक की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
 संभाग प्रचारक के बनने से संघ का विकेंद्रीकरण हो जाएगा। सभी संभाग प्रचारक के पदों पर युवाओं को मौका दिए जाने की संभावना है। इसके बाद संघ की ओर से शाखाओं की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य संभाग प्रचारकों को दिया जाएगा। विशेषकर ग्रामीण स्तर पर संघ की शाखाएं बढ़ाने का उद्देश्य रखा जा सकता है।