पट्टा दिलाने के बदले बस्तर में पटवारी ने रिश्वत में लिया बकरा और बैल
जगदलपुर। बस्तर जिले से भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बकावंड तहसील क्षेत्र में पदस्थ एक पटवारी पर आरोप है कि उसने जमीन का पट्टा दिलाने का भरोसा देकर ग्रामीणों से नकदी के साथ साथ बकरा और बैलों की जोड़ी तक रिश्वत के रूप में ले ली। काम नहीं होने पर अब ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं। कोलावल हल्का क्षेत्र के कई ग्रामीणों को जमीन संबंधी पट्टा दिलाने का आश्वासन दिया गया था।
आरोप है कि इसके बदले ग्रामीणों से अलग-अलग रकम वसूली गई। कुछ लोगों ने नकद राशि दी, जबकि कुछ को पैसे जुटाने के लिए अपने मवेशी तक बेचने पड़े। ग्रामीण मंगतू का साथ एक जिंदा बकरा भी लिया गया। वहीं संपत ने पट्टा बनवाने की उम्मीद में अपने बैलों की जोड़ी बेच दी। बैल बेचने से मिली रकम में आरोप है कि उससे 40 हजार रुपये लेने के से 30 हजार रुपये कथित तौर पर पटवारी को दे दिए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि लालाराम से 10 हजार रुपये अग्रिम राशि के तौर पर लिए गए, जबकि रुपसाय से किस्तों में 55 हजार रुपये वसूले गए। ऐसे ही कई अन्य ग्रामीण भी खुद को ठगी का शिकार बता रहे है। ग्रामीणों के मुताबिक रकम और अन्य सामान लेने के बाद संबंधित पटवारी ने उनसे संपर्क करना बंद कर दिया। आरोप है कि मोबाइल फोन भी बंद कर लिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है।

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