मानसून की लेट फिर भी आधा हिस्सा कवर, सात दिन बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री के बावजूद बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम बना हुआ है। दंतेवाड़ा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून अब राज्य के आधे से अधिक हिस्से को कवर कर चुका है, लेकिन इसकी आमद करीब सात दिन देरी से होने के कारण वर्षा का बड़ा घाटा दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य तौर पर 108.2 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक वर्षा केवल 33.2 मिमी दर्ज की गई है। इस तरह राज्य में अब तक लगभग 69 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। मानसून की धीमी रफ्तार का असर कृषि और जल संसाधनों पर भी दिखाई देने लगा है।
मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा रायपुर तक पहुंच चुकी है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मानसून की पहली सक्रियता का प्रभाव सबसे पहले बस्तर संभाग में देखने को मिला, लेकिन वहां भी सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई है।
राजधानी रायपुर में अब तक सामान्य 90.1 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 25.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो लगभग 72 प्रतिशत कम है। धमतरी जिले में 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी, दुर्ग में 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी तथा महासमुंद में 105.4 मिमी के मुकाबले केवल 20.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं बलौदाबाजार जिले की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां सामान्य 81.3 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 14 मिमी वर्षा हुई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जिससे वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की संभावना है। हालांकि फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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