नकटी के बाद तूता गांव के 35 मकानों पर NRDA ने चिपकाया नोटिस, ग्रामीणों में मचा हड़कंप

नकटी के बाद तूता गांव के 35 मकानों पर NRDA ने चिपकाया नोटिस, ग्रामीणों में मचा हड़कंप

नवा रायपुर : नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने तूता गांव में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया है। एनआरडीए की टीम ने गांव के 35 मकानों को चिन्हित कर उनके बाहर नोटिस चस्पा (चिपका) कर दिया है। इस अचानक हुई प्रशासनिक हलचल के बाद प्रभावित परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों में डर और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि प्राधिकरण उनके आशियानों को ढहाने या उन्हें वहां से बेदखल करने की तैयारी में है।

कार्रवाई की मुख्य बातें

एनआरडीए द्वारा की गई इस औचक कार्रवाई का मुख्य विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

विवरण जानकारी
कार्रवाई करने वाली संस्था नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA)
प्रभावित क्षेत्र तूता गांव (Tuta Village), नवा रायपुर
नोटिस दिए गए मकानों की संख्या 35 मकान
प्राधिकरण का संभावित कारण अवैध निर्माण, अतिक्रमण या भूमि अधिग्रहण नियमों का उल्लंघन

ग्रामीणों का विरोध और चिंताएं

जैसे ही एनआरडीए के अधिकारी कर्मचारियों ने घरों की दीवारों और दरवाजों पर नोटिस लगाना शुरू किया, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वे सालों से इस जमीन पर रह रहे हैं और उनके पास इसके जरूरी दस्तावेज भी हैं।

  • पुनर्वास की मांग: ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या उचित पुनर्वास (Rehabilitation) और मुआवजे की स्पष्ट व्यवस्था के इस तरह नोटिस चिपकाना उनके साथ अन्याय है।

  • आंदोलन की चेतावनी: गांव के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बुजुर्गों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके घरों पर जबरन बुलडोजर चलाने या उन्हें बेघर करने की कोशिश की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

नोटिस में क्या चेतावनी दी गई है?

सूत्रों के अनुसार, एनआरडीए द्वारा जारी किए गए नोटिस में मकान मालिकों को अपने निर्माण कार्य की वैधता साबित करने वाले दस्तावेज पेश करने के लिए सीमित समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब या कागजात नहीं सौंपे जाते हैं, तो प्राधिकरण इन निर्माणों को अवैध (Illegal Construction) मानते हुए इन्हें हटाने या ढहाने की एकतरफा कार्रवाई कर सकता है। 

फिलहाल तूता गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और ग्रामीण एकजुट होकर इस कानूनी नोटिस का जवाब देने तथा उच्च अधिकारियों से मुलाकात करने की रणनीति बना रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।