प्रदेश भाजपा संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट

प्रदेश भाजपा संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट

प्रांतीय महामंत्री पवन साय को प्रमोट करने के संकेत

क्षेत्रीय महामंत्री अजय जामवाल को भी राष्ट्रीय स्तर पर भेजने की चर्चा

रायपुर (चैनल इंडिया)। पानीपत में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में आज अंतिम दिन बड़े निर्णय हो सकते हैं। इसमें छत्तीसगढ़ को लेकर भी बड़े बदलाव का फैसला हो सकता है। संगठन महामंत्री पवन साय की जगह आसपास राज्य के किसी पूर्णकालिक प्रचारक को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
वहीं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल को भी राष्ट्रीय स्तर पर भेजा जा सकता है। सूत्रों की मानें तो बैठक में यह तय हुआ है कि पूर्णकालिक प्रचारकों को भाजपा में अब कम भेजा जाएगा। क्योंकि इनकी संख्या कम होती जा रही है। प्रचारकों को संघ परिवार के 50 अनुषांगिक संगठनों में ही बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी के तहत मप्र के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को अभी डेढ़ महीने पहले मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है। तब से जामवाल ही संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी देख रहे हैं। अब वहां भी इस पद पर नियुक्ति हो जाएगी। दोनों राज्यों में जो संगठन महामंत्री बनेंगे वे तीन साल तक रहेंगे। यानी अगला चुनाव उनके नेतृत्व में ही होगा। इस हिसाब से यह नियुक्ति बड़ी मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संघ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। यह हर साल (आमतौर पर मार्च में) आयोजित होती है। इसमें देशभर से आए प्रतिनिधि पिछले साल की समीक्षा, सामाजिक-राष्ट्रीय विषयों पर प्रस्ताव पारित करने और भविष्य की नीति-रणनीति (जैसे सरकार्यवाह का चुनाव, हर 3 साल में) तय करते हैं। इसमें सरसंघचालक, सरकार्यवाह, प्रांतों के पदाधिकारी और विभिन्न आनुषंगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। बैठक में शाखा की समीक्षा भी की जाती है। सभी प्रांतों की वर्तमान स्थिति और चुनौती पर अलग-अलग चर्चा होती है। संघ अपने आने वाले एजेंडे को भी इसी सभा में तय करता है।
अब आगे भाजपा में राष्ट्रीय टीम की तैयारी
संघ में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव होने की संभावना है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश को भी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके बाद भाजपा की राष्ट्रीय टीम भी नई बनेगी। चूंकि नितिन नबीन पहले प्रदेश के प्रभारी रहे हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ से कुछ नेताओं को राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। चर्चा है कि राष्ट्रीय महामंत्री के लिए भी यहां के किसी नेता का चयन हो सकता है।

संगठन में बदलाव का होगा असर
पवन साय दस साल से छत्तीसगढ़ में संगठन महामंत्री के पद पर हैं। उनके नेतृत्व में ही दो बार विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। 2022 में विधानसभा चुनाव के पहले संगठन में सिर्फ वही अकेले पुराने पदाधिकारी थे। प्रभारी ओम माथुर के साथ उन्होंने जो रणनीति बनाई उसने ही भाजपा को 15 से 54 सीटों तक पहुंचा दिया। बताया जा रहा है कि इसका इनाम पवन साय को मिल सकता है।