नई दिल्ली: 23 अगस्त 2026 (रविवार) का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन है। रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित होता है, साथ ही आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का पावन योग बन रहा है। इस दिन सूर्यदेव के साथ भगवान श्री हरि विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना करने से आरोग्य, पद-प्रतिष्ठा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
| पंचांग अंग |
विवरण |
| दिनांक |
23 अगस्त 2026 |
| वार (दिन) |
रविवार |
| माह |
भाद्रपद |
| पक्ष |
शुक्ल पक्ष |
| तिथि |
एकादशी तिथि |
| नक्षत्र |
पूर्वाषाढ़ा |
| योग |
आयुष्मान योग |
| करण |
बव तत्पश्चात बालव |
सूर्योदय, चंद्रोदय और सूर्य-चंद्र राशि
शुभ एवं अशुभ समय
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अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 11:58 बजे से 12:49 बजे तक (किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम)
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अमृत काल: शाम 05:30 बजे से 07:05 बजे तक
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राहुकाल (अशुभ समय): शाम 05:15 बजे से 06:52 बजे तक (इस समय कोई भी नया काम या धार्मिक अनुष्ठान शुरू न करें)
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दिशाशूल: पश्चिम दिशा (यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना बेहद जरूरी हो तो घर से निकलने से पहले घी या पान का पत्ता खाकर निकलें)
आज के विशेष उपाय
रविवार और एकादशी का दुर्लभ संयोग होने के कारण आज प्रातःकाल तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, रोली और अक्षत मिलाकर 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करते हुए भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके साथ ही भगवान विष्णु को तुलसी पत्र, पीले फूल और पंचामृत अर्पित करें। इस दिन गाय को गुड़ और रोटी खिलाने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है और करियर में बाधाएं दूर होती हैं।