रोटी- कपड़ा और मकान के आधार पर तय होगी न्यूनतम मजदूरी

रोटी- कपड़ा और मकान के आधार पर तय होगी न्यूनतम मजदूरी

रायपुर। राज्य में अब पुराने श्रम कानूनों को दरकिनार करते हुए नई मजदूर संहिता लागू होगी। खास बात ये है कि इस नियम के मुताबिक अब न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण वैज्ञानिक आधार पर होगा। यही नहीं, रोटी कपड़ा, मकान, बच्चों की शिक्षा और इलाज के खर्च के आधार पर मजदूरी तय की जाएगी।

एक और अहम बात ये कि अब पूरे देश के लिए तय न्यूनतम मजदूरी से कम राशि कहीं नहीं दी जा सकेगी। न्यूनतम वेतन सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे उनकी आयु या लिंग कुछ भी हो। श्रमिकों को उनके कौशल और अनुभव के आधार पर चार मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है। परिवार आधारित उपभोग इकाई, न्यूनतम मजदूरी की गणना एक मानक श्रमिक वर्ग परिवार को आधार मानकर की जाएगी। इस परिवार में कामगार के अलावा उसका पति या पत्नी और दो बच्चे शामिल होंगे। इसे कुल तीन वयस्क उपभोग इकाइयों के बराबर माना गया है। 

आहार और पोषण संबंधी मानक श्रमिक के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, प्रति दिन प्रति उपभोग इकाई के लिए शुद्ध 2700 कैलोरी की खपत का मानक रखा गया है। वस्त्र और आवास प्रति मानक श्रमिक परिवार के लिए प्रति वर्ष 66 मीटर कपड़ा निर्धारित किया गया है। आवास- भोजन और वस्त्र पर होने वाले कुल व्यय का 10 प्रतिशत आवासीय किराए के रूप में वेतन गणना में जोड़ा जाएगा।