अमेरिकी दावे पर रूस का खंडन, कहा- भारत ने रूसी तेल पर रुख नहीं बदला

अमेरिकी दावे पर रूस का खंडन, कहा- भारत ने रूसी तेल पर रुख नहीं बदला

नई दिल्ली। रूस ने अमेरिका के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है। मॉस्को ने स्पष्ट किया है कि भारत की ओर से इस नीति में बदलाव का कोई भी आधिकारिक संकेत नहीं मिला है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग बदस्तूर जारी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है कि भारत और रूस के बीच का यह व्यापार न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता भी लाता है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दावा किया कि पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद भारत रूसी तेल छोड़कर अमेरिकी तेल खरीदने पर सहमत हो गया है। हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी दोहराया कि उन्हें भारत से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है और रूस रणनीतिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्ध है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में भारत के रूसी तेल आयात में मामूली गिरावट जरूर आई है, लेकिन इसे किसी बड़े नीतिगत बदलाव के बजाय सामान्य बाजार प्रक्रिया माना जा रहा है। रिफाइनरी सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि सरकार ने तेल खरीद रोकने का कोई निर्देश नहीं दिया है।