छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में दो महिला सांसद, 79 साल बाद ऐतिहासिक क्षण

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में दो महिला सांसद, 79 साल बाद ऐतिहासिक क्षण

रायपुर। आज़ादी के 79 वर्षों बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ है। पहली बार राज्य से राज्यसभा के लिए दोनों प्रमुख दलों द्वारा महिला उम्मीदवारों को चुना गया और वे निर्वाचित होकर संसद के उच्च सदन की सदस्य बन गईं।

राज्यसभा के लिए कांग्रेस से फूलों देवी नेताम और भाजपा से लक्ष्मी वर्मा के निर्वाचित होने से प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा मिली है। इसे छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से राजनीति में महिलाओं की अधिक भागीदारी की मांग उठती रही है, ऐसे में दोनों दलों द्वारा महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का यह कदम स्वागतयोग्य माना जा रहा है।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया है। उनका कहना है कि महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलने से न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं और अपेक्षाओं को भी बेहतर ढंग से संसद तक पहुंचाया जा सकेगा।

प्रदेशवासियों को उम्मीद है कि यह पहल भविष्य में भी जारी रहेगी और छत्तीसगढ़ की महिलाओं को राजनीति में और अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। दोनों नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई देते हुए लोगों ने उनके सफल कार्यकाल की कामना की है।