13 महीनों में देश से 33,577 बच्चे लापता : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की रिपोर्ट ने उड़ाई नींद

13 महीनों में देश से 33,577 बच्चे लापता : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की रिपोर्ट ने उड़ाई नींद

नई दिल्ली। भारत में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद परेशान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) द्वारा जारी 'मिसिंग चिल्ड्रन' रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 13 महीनों में देशभर से हजारों बच्चे लापता हुए हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच कुल 33,577 बच्चे लापता दर्ज किए गए हैं। यह संख्या केवल उन बच्चों की है जो 'अनट्रेस्ड' (Untraced) श्रेणी में हैं, यानी पुलिस और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद इनका पता नहीं चल सका है।

पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर, कई राज्यों में 'सन्नाटा'

रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चलता है कि बच्चों के लापता होने के मामले में राज्यों के बीच भारी अंतर है:

  • हॉटस्पॉट राज्य: लापता बच्चों की इस सूची में पश्चिम बंगाल शीर्ष पर बना हुआ है। यहाँ से सबसे अधिक बच्चों के गायब होने की खबर है। इसके बाद बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश और राजस्थान का नंबर आता है।

  • हैरान करने वाला शून्य: रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस अवधि के दौरान लापता बच्चों की संख्या 'शून्य' (Zero) बताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा की कमी या रिपोर्टिंग में ढिलाई का नतीजा हो सकता है।

ट्रैकिंग के लिए सरकारी तंत्र

सरकार इन बच्चों को ढूंढने के लिए दो प्रमुख प्रणालियों का उपयोग कर रही है:

  1. TrackChild Portal: जहाँ लापता और मिले हुए बच्चों का लाइव डेटा अपडेट किया जाता है।

  2. Khoya-Paya (खोया-पाया): एक नागरिक केंद्रित पोर्टल जहाँ जनता सीधे जानकारी साझा कर सकती है।