अब भवनों की होगी डिजिटल रैंकिंग : छत्तीसगढ़ क्रेडाई के राज्यस्तरीय सम्मेलन में जुटे प्रदेशभर के डेव्हलपर्स
क्रेडाई छत्तीसगढ़ ने दिए शासन को सुझाव, कई बड़ी मांगें पूरी करने की मांग
आवास एवं पर्यावरण मंत्रालय का दावा रिफॉर्म 2.0 से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
रायपुर। TRAI की पहल पर भारत सरकार के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन के साथ क्रेडाई छत्तीसगढ़ द्वारा भवनों की डिजिटल रैंकिंग पर एक सेमिनार आयोजित किया गया।
छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार होगा जब भवनों की डिजिटल रैंकिंग भी होगी। इस तरह का पूरे देश में यह पहला सेमिनार छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार होगा जब भवनों की डिजिटल रैंकिंग भी होगी इससे सरकार की योजनाओं पर भी असर होगा। केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद भी इस रैंकिंग पर निर्भर रहेगी। इसे विस्तार से समझाने के लिए इस सेमिनार में TRAI के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से एवं उनके सलाहकार भोपाल से आये थे। मंगलवार को राज्य के आला अफसरों के साथ छत्तीसगढ़ क्रेडाई के बिल्डर एकजुट हुए। होटल सैयाजी में आयोजित स्टेट कॉन्फ्रेंस में नए नियमों के साथ ही आवास नीतियों पर खुलकर चर्चा हुई। कई महीनों के बाद ऐसा हुआ जब बिल्डरों ने सरकार के जिम्मेदार अफसरों से सीधे सवाल कर जवाब मांगा। बड़े अफसरों के एक साथ एक मंच पर आने की वजह से क्रेडाई छत्तीसगढ़ ने शासन को सुझाव दिए। अफसरों ने कहा छत्तीसगढ़ में रिफॉर्म 2.0 पर काम हो रहा है। इससे रियल एस्टेट का कारोबार अपनी नई ऊंचाइयों को छुएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में आईटी विभाग के ज्वाइंट सेक्रेट्री आईएएस प्रभात मलिक ने बताया कि अभी तक छत्तीसगढ़ समेत देशभर में ऐसा होता आया है कि नए भवन, बिल्डिंग, अपार्टमेंट बन जाते हैं, लेकिन वहां नेटवर्क और आईटी की कई समस्याएं होती हैं। इसलिए केंद्र सरकार के उपक्रम TRAI ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर के सभी राज्यों से कहा है कि अब उनके प्रोजेक्ट की डिजिटल रैंकिंग भी होगी। इससे बिल्डरों के साथ ही सरकार को भी नंबर मिलेंगे। इसी रैंकिंग से सब्सिडी भी तय की जाएगी। जिस तरह से ग्रीन एनर्जी भवनों को बढ़ावा दिया जा रहा है उसी तरह डिजिटल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। अभी तक पूरे देश में इस तरह के नियम नहीं बने हैं कि आवासीय/कामर्शियल योजनाओं में Digital Network के लिए System बनाने की व्यवस्था एवं टावर लगाने के स्थान नियत किये जाएं। इस हेतु TRAI सुझाव लेकर नियम बनाएगा। लेकिन अब से सभी योजनाओं में डिजिटल की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम करने ही होंगे। कार्यक्रम में विशेष रूप से आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, छत्तीसगढ़ क्रेडाई अध्यक्ष पंकज लाहोटी, सचिव अभिषेक बच्छावत सहित विजय नाथानी, राकेश पांडे, संजय बघेल, मृणाल गोलेच्छा, संजय रहेजा, रवि फतनानी, टाउन प्लानिंग के संदीप बांगड़े, विनित नायर आदि मौजूद थे। इस प्रोग्राम को ऋत्विक नाथानी और सुमित बरडिया ने कंडक्ट किया।
*अब सिंगल विंडो से ही होगा काम।*
*100 दिन में प्रोजेक्ट अप्रूव्ड होंगे।*
टाउन एंड प्लानिंग विभाग के कमिश्नर आईएएस अवनीश कुमार शरण ने बताया कि बिल्डरों को राहत देने सिंगल विंडो प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। अभी तक किसी भी हाउसिंग या कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए नजूल, तहसील, नगर पालिका या नगर निगम, बिजली कंपनी और लोक निर्माण विभाग समेत कई और विभागों से दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट अप्रूवल के लिए सिंगल विंडो खोल दिया है। टाउन प्लानिंग की वेबसाइट में इस सिंगल विंडो में आवेदन करने के साथ ही 100 दिन में प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जा रही है। इससे पहले कई महीने लग जाते थे। परेशानी भी बहुत होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। इससे प्रोजेक्ट समय पर शुरू होते हैं। लागत भी नहीं बढ़ती। इसका फायदा आम लोगों को भी हो रहा है।
*छत्तीसगढ़ क्रेडाई ने मांगी राहत*
कॉलोनाइजर नियम अभी तक निगम और पंचायत में अलग-अलग है। इसे एक करना चाहिए
कमर्शियल लैंड में आवासीय प्रोजेक्ट की भी अनुमति देनी चाहिए। इससे सबको फायदा है
राज्य में मध्य प्रदेश की तरह समस्त निगमों एवं ग्राम पंचायतों हेतु एक ही कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन रखे जाने की मांग की गई
राज्य में महाराष्ट्र की तरह Step Setback के प्रावधान लागू किये जाने की गई
महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी Re-development के नियम बनाने की मांग भी की गई
यह सेमिनार कई दृष्टी से महत्वपूर्ण रहा एवं रियल एस्टेट के कई अन्य मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई जिसके भविष्य में दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे।

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