शाकाहारी डाइट में प्रोटीन का पावरहाउस: सप्लीमेंट्स की जगह इन भारतीय फूड्स को करें शामिल

शाकाहारी डाइट में प्रोटीन का पावरहाउस: सप्लीमेंट्स की जगह इन भारतीय फूड्स को करें शामिल

नई दिल्ली। शरीर को फिट रखने और मांसपेशियों की मजबूती के लिए प्रोटीन एक अनिवार्य पोषक तत्व है, जिसकी कमी को पूरा करने के लिए अक्सर लोग महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, भारतीय रसोई में मौजूद दालें, चना और राजमा प्रोटीन के उत्कृष्ट प्राकृतिक स्रोत हैं। मूंग, मसूर और अरहर जैसी दालों को यदि चावल या रोटी के साथ खाया जाए, तो यह एक पूर्ण अमीनो एसिड प्रोफाइल प्रदान करता है। इसके अलावा, चना और राजमा न केवल मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करते हैं, बल्कि इनमें मौजूद फाइबर और हेल्दी कार्ब्स पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखते हैं। अंकुरित दालें प्रोटीन की मात्रा को और अधिक बढ़ा देती हैं, जो शाकाहारियों के लिए चिकन-मटन का एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है।

आधुनिक डाइट में टोफू, सोया चंक्स और मिलेट्स (मोटे अनाज) भी प्रोटीन के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। सोया चंक्स में प्रति 100 ग्राम लगभग 52 ग्राम प्रोटीन होता है, जो इसे सबसे शक्तिशाली प्लांट-आधारित स्रोतों में से एक बनाता है। वहीं, सत्तू जैसा पारंपरिक भोजन न केवल ऊर्जा प्रदान करता है बल्कि पेट को भी ठंडा रखता है। इसके साथ ही रागी, बाजरा और ज्वार जैसे मिलेट्स आयरन और कैल्शियम के साथ-साथ अच्छी मात्रा में प्रोटीन देते हैं। इन देसी और प्लांट-आधारित खाद्य पदार्थों को अपनी दैनिक डाइट में शामिल करके न केवल शारीरिक विकास को गति दी जा सकती है, बल्कि इम्यूनिटी और हड्डियों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।