नगर निगम की विशेष सभा में महिला सशक्तिकरण पर विवादित बहस, भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच हंगामा 

नगर निगम की विशेष सभा में महिला सशक्तिकरण पर विवादित बहस, भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच हंगामा 

रायपुर। नगर निगम की विशेष सामान्य सभा के दौरान महिला सशक्तिकरण पर चर्चा के बीच भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने अपनी बात रखते हुए कहा, "ये लोग अंग्रेजों के मुखबिर थे।" उनके इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। भाजपा पार्षदों ने तिवारी के बयान पर विरोध जताते हुए हंगामा किया।

भाजपा पार्षद अपनी सीट छोड़कर नेता प्रतिपक्ष के पास पहुंचे और कांग्रेस तथा तिवारी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान, कुछ पार्षदों ने माइक छीन लिया और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं। सदन में काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद बैठक की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।

इस बीच, महिला पार्षदों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस पार्षद अर्जुमन एजाज ढेबर ने अपने भाषण में ‘परिसीमन’ की जगह ‘परमिशन’ शब्द का इस्तेमाल किया। इस पर भाजपा पार्षद कृतिका जैन ने तंज कसते हुए इसे मुद्दा बना दिया, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।

सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने इस स्थिति को शांत करने की कोशिश की और कृतिका जैन को समझाया, "हम सभी यहां सीखने आए हैं, यह हमारी पहली पाठशाला है। नए सदस्य कभी-कभी शब्दों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।" राठौड़ के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और कार्यवाही फिर से शुरू की गई।

इससे पहले, सामान्य सभा में विपक्ष ने शहर में बढ़ते जल संकट पर चर्चा की मांग उठाई थी, लेकिन सभापति ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सहमति न बनने के कारण इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की जाएगी।

यह विशेष बैठक महिला सशक्तिकरण के लिए जनजागरूकता अभियान को लेकर बुलाई गई थी। हालांकि, बैठक शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरम हो गया। सभा में भाजपा पार्षदों ने "कांग्रेस शर्म करो" के नारे लगाए और कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। विरोध दर्ज कराने के लिए महापौर और भाजपा पार्षद काले कपड़े पहनकर सभा में पहुंचे।

सभा में पक्ष और विपक्ष दोनों के सभी पार्षद मौजूद थे, और संभावित हंगामे को देखते हुए नगर निगम परिसर में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। फिलहाल, बैठक की कार्यवाही जारी है, लेकिन स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हो पाई है।