सर्दियों में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल का खतरा: पहचानें ये गुप्त लक्षण और रखें अपने दिल का ख्याल

सर्दियों में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल का खतरा: पहचानें ये गुप्त लक्षण और रखें अपने दिल का ख्याल

नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में जब तापमान गिरता है, तो हम अक्सर सर्दी-जुकाम से बचने पर ध्यान देते हैं, लेकिन इस दौरान हृदय स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा 'बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल' भी होता है। ठंड के महीनों में हमारे चयापचय (Metabolism), खान-पान और शारीरिक गतिविधियों में बदलाव आने के कारण धमनियों में वसा का जमाव तेजी से हो सकता है। चूंकि उच्च कोलेस्ट्रॉल के कोई स्पष्ट बाहरी लक्षण नहीं होते, इसलिए इसे अक्सर एक "साइलेंट किलर" माना जाता है। हालांकि, शरीर में होने वाले कुछ सूक्ष्म बदलाव इस खतरे की ओर संकेत कर सकते हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है।

सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे मुख्य कारण हमारी जीवनशैली में आने वाला बदलाव है। ठंड के कारण अक्सर लोग 'कंफर्ट फूड' के रूप में अधिक तला-भुना, मीठा और सैचुरेटेड फैट से भरपूर भोजन करना पसंद करते हैं। इसके साथ ही, कड़ाके की ठंड की वजह से शारीरिक व्यायाम या टहलने में कमी आ जाती है, जिससे शरीर वसा को सही तरीके से बर्न नहीं कर पाता। इसके अतिरिक्त, ठंड में शरीर की ऊर्जा बचाने की प्रक्रिया भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकती है, जिससे धमनियों में प्लाक (Plaque) जमा होने का जोखिम बढ़ जाता है।

जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है, तो यह रक्त प्रवाह को बाधित करता है, जिसके परिणामस्वरूप कई चेतावनी संकेत दिखाई देते हैं। सीने में भारीपन, दबाव या हल्का दर्द महसूस होना इसका सबसे प्रमुख लक्षण है, जो धमनियों के संकुचित होने की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त सही ढंग से न पहुँचने के कारण व्यक्ति को लगातार थकान और मामूली काम करने पर भी सांस फूलने की समस्या हो सकती है। रक्त संचार प्रभावित होने से हाथ-पैर असामान्य रूप से ठंडे रह सकते हैं या उनमें बार-बार झुनझुनी और सुन्नता महसूस हो सकती है।

कुछ मामलों में, उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण त्वचा पर भी दिखाई देते हैं, जैसे कि आंखों की पलकों, कोहनियों या घुटनों के आसपास छोटे पीले रंग के उभार (जिन्हें ज़ैंथोमास कहा जाता है)। इसके साथ ही, मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह कम होने से बार-बार सिरदर्द या चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है। चूंकि ये लक्षण अन्य बीमारियों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए सर्दियों में नियमित रूप से 'लिपिड प्रोफाइल' टेस्ट करवाना और संतुलित आहार के साथ घर के अंदर ही योग या व्यायाम करना हृदय को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।