सावधान: कड़ाके की ठंड बन सकती है 'ब्रेन स्ट्रोक' की वजह, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताए बचाव के तरीके

सावधान: कड़ाके की ठंड बन सकती है 'ब्रेन स्ट्रोक' की वजह, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताए बचाव के तरीके

नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम अपने साथ सिर्फ ठंड ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियां भी लेकर आता है। इन दिनों तापमान गिरने के साथ ही ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) और हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और कार्डियोलॉजिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि ठंड में शरीर में होने वाले कुछ बदलाव जानलेवा साबित हो सकते हैं, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सर्दियों में क्यों बढ़ता है स्ट्रोक का खतरा?

न्यूज़18 की रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड में स्ट्रोक का खतरा बढ़ने के मुख्य कारण ये हैं:

  1. नसों का सिकुड़ना (Vasoconstriction): ठंड से बचने के लिए शरीर अपनी गर्मी को बचाने की कोशिश करता है, जिससे रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) सिकुड़ जाती हैं।

  2. ब्लड प्रेशर बढ़ना: नसों के सिकुड़ने से ब्लड प्रेशर (BP) बढ़ जाता है, जो ब्रेन स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है।

  3. खून का गाढ़ा होना: कम तापमान में खून गाढ़ा (Clotting) होने लगता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह क्लॉट दिमाग की नसों को ब्लॉक कर सकता है।

किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा?

  • बुजुर्ग लोग (60+ उम्र)।

  • हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) के मरीज।

  • डायबिटीज और दिल की बीमारी से जूझ रहे लोग।

  • धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले।

स्ट्रोक के लक्षण (BE-FAST फार्मूला याद रखें)

अगर किसी में ये लक्षण दिखें, तो तुरंत अस्पताल ले जाएं:

  • B (Balance): अचानक संतुलन खोना।

  • E (Eyes): आंखों के आगे धुंधलापन या अंधेरा छाना।

  • F (Face): चेहरे का एक तरफ झुक जाना या टेढ़ा होना।

  • A (Arms): हाथ या पैर में अचानक कमजोरी आना।

  • S (Speech): बोलने में लड़खड़ाहट या जुबान तुतलाना।

  • T (Time): समय बहुत कीमती है, तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।

बचाव के उपाय: डॉक्टर की सलाह

  1. गर्म कपड़े पहनें: ठंड में बाहर निकलते समय सिर और कान को अच्छे से ढककर रखें। लेयर्स में कपड़े पहनें।

  2. सुबह की सैर में सावधानी: कड़ाके की ठंड में, विशेषकर सुबह जल्दी वॉक पर जाने से बचें। जब धूप निकल आए, तभी बाहर जाएं।

  3. बीपी चेक करते रहें: अगर आप बीपी के मरीज हैं, तो नियमित जांच करें और दवाइयां समय पर लें।

  4. पानी पिएं: सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है ताकि खून गाढ़ा न हो।

  5. खानपान: ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। ज्यादा तेल-मसाले और नमक से परहेज करें।

निष्कर्ष: सर्दियों में थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। खुद को गर्म रखें और किसी भी असहजता को नजरअंदाज न करें।