पंचांग 25 मार्च : आज है चैत्र नवरात्रि की 'महा सप्तमी'; जानें माँ कालरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली। आज 25 मार्च 2026, बुधवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज देशभर में चैत्र नवरात्रि की महा सप्तमी का पर्व अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज का दिन शक्ति के सबसे उग्र और संहारक स्वरूप माँ कालरात्रि की उपासना को समर्पित है, जो अपने भक्तों को अभय प्रदान करती हैं और काल का नाश करती हैं।
पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का सटीक विवरण:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (25 मार्च 2026)
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तिथि: सप्तमी (शुक्ल पक्ष) - दोपहर 12:25 PM तक, उसके बाद अष्टमी तिथि शुरू।
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दिन: बुधवार (Wednesday)
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मास: चैत्र (विक्रम संवत 2083)
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नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र - सुबह 07:11 AM तक, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र।
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करण: गर - दोपहर 12:25 PM तक, उसके बाद वणिज।
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योग: सौभाग्य योग - सुबह 04:36 AM तक, उसके बाद शोभन योग।
चैत्र नवरात्रि सप्तमी: माँ कालरात्रि पूजा
माँ कालरात्रि की पूजा रात के समय (निशिता काल) में करना विशेष फलदायी माना जाता है। इन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है क्योंकि इनका उग्र रूप केवल पापियों के लिए है, जबकि भक्तों के लिए वे अत्यंत शुभ फल देने वाली हैं।
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विशेष भोग: माँ कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाइयों का भोग लगाना अनिवार्य माना जाता है। इससे मानसिक और शारीरिक बाधाएं दूर होती हैं।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
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सूर्योदय: सुबह 06:22 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:34 PM
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चंद्रोदय: दोपहर 11:51 AM
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चंद्रास्त: रात 01:21 AM (26 मार्च)
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चंद्र राशि: मिथुन राशि (पूरा दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के दिन शुभ कार्यों और साधना के लिए उपयुक्त समय:
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अभिजीत मुहूर्त: (आज उपलब्ध नहीं है - बुधवार को राहुकाल के कारण सावधानी बरतें)।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:18 PM तक।
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:34 PM से 06:58 PM तक।
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निशिता काल (सप्तमी पूजा): रात 12:03 AM से 12:50 AM तक (26 मार्च)।
अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)
बुधवार के दिन राहुकाल के दौरान किसी भी नए प्रोजेक्ट या बड़े निवेश की शुरुआत से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 12:28 PM से 01:59 PM तक।
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यमगण्ड: सुबह 07:53 AM से 09:25 AM तक।
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गुलिक काल: सुबह 10:57 AM से 12:28 PM तक।
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दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:04 PM से 12:52 PM तक।
आज का विशेष महत्व और उपाय
आज बुधवार और महा सप्तमी का संयोग बुद्धि और शक्ति के मिलन का प्रतीक है।
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विशेष उपाय: आज भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें और माँ कालरात्रि के बीज मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' का जाप करें। इससे शत्रु बाधा और अज्ञात भय से मुक्ति मिलती है।
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दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो घर से धनिया या तिल खाकर निकलें।

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