खल्लारी रोपवे दुर्घटना : आयुषी धावरे के निधन पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने जताया गहरा शोक

खल्लारी रोपवे दुर्घटना : आयुषी धावरे के निधन पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने जताया गहरा शोक

परिजनों से मिलकर दी सांत्वना, हर संभव सहायता का दिया आश्वासन

रायपुर। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने खल्लारी मंदिर में हुए रोपवे हादसे में आयुषी धावरे के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताते हुए कहा कि इस हादसे ने एक परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है और पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।

मिश्रा ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल देती हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

विधायक पुरंदर मिश्रा आयुषी धावरे के निवास पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार के सदस्यों से संवेदनशीलता के साथ चर्चा करते हुए इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस पीड़ा की घड़ी में पूरा समाज और शासन-प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है।

इस दौरान मिश्रा ने महासमुंद जिले के संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को किसी भी प्रकार की सहायता में देरी न हो और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता के साथ पूरी की जाएं। साथ ही दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

मिश्रा ने परिजनों को आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और परिवार की आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि वे आयुषी धावरे के विवाह समारोह में भी शामिल हुए थे और उन्हें एक सरल, संस्कारी और होनहार बेटी के रूप में जानते थे। उन्होंने कहा, “जब अपने क्षेत्र की बेटी इस तरह असमय हमें छोड़कर चली जाती है, तो यह पीड़ा केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की हो जाती है।”

उन्होंने आगे कहा कि आयुषी का जीवन भले ही अल्पकालिक रहा, लेकिन उनकी स्मृतियां सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

अंत में विधायक पुरंदर मिश्रा ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि यह समय एकजुट होकर परिवार के साथ खड़े रहने का है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।