पंचांग 24 फरवरी : मंगलवार को क्या है शुभ मुहूर्त और राहुकाल? जानें आज का पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की चाल

पंचांग 24 फरवरी : मंगलवार को क्या है शुभ मुहूर्त और राहुकाल? जानें आज का पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की चाल

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत पंचांग देखकर की जाती है। पंचांग के माध्यम से हमें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की सटीक जानकारी मिलती है। आज 24 फरवरी 2026, दिन मंगलवार है। मंगलवार का दिन श्री हनुमान जी की उपासना के लिए विशेष माना जाता है।

आइए जानते हैं आज के ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और विशेष मुहूर्त:

आज का पंचांग विवरण (24 फरवरी 2026)

  • तिथि: फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, सप्तमी तिथि (आज सप्तमी तिथि दोपहर तक रहेगी, उसके बाद अष्टमी शुरू होगी)।

  • वार: मंगलवार (हनुमान जी का दिन)।

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष।

  • संवत्: विक्रम संवत् 2082।

  • नक्षत्र: आज रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो वृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है।

  • योग: आज वैधृति योग रहेगा।

  • करण: वणिज और विष्टि (भद्रा)।

सूर्य और चंद्रोदय का समय

  • सूर्योदय: सुबह 06:50 AM

  • सूर्यास्त: शाम 06:17 PM

  • चंद्रोदय: सुबह 10:45 AM

  • चंद्रास्त: रात 12:55 AM (25 फरवरी)

  • चंद्र राशि: वृषभ (आज चंद्रमा पूरे दिन शुक्र की राशि वृषभ में गोचर करेंगे)।

शुभ और अशुभ मुहूर्त (Auspicious & Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी मांगलिक कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, जबकि राहुकाल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

मुहूर्त प्रकार समय
अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ) दोपहर 12:12 PM से 12:58 PM तक
अमृत काल शाम 06:20 PM से 08:05 PM तक
राहुकाल (अशुभ समय) दोपहर 03:25 PM से 04:51 PM तक
गुलिक काल दोपहर 12:33 PM से 01:59 PM तक
यमगण्ड सुबह 09:41 AM से 11:07 AM तक

आज का विशेष महत्व

  1. हनुमान पूजा: आज मंगलवार होने के कारण हनुमान जी के मंदिर में चोला चढ़ाना और सुंदरकांड का पाठ करना विशेष फलदायी होगा।

  2. भद्रा का साया: आज दिन के कुछ समय भद्रा (विष्टि करण) रहेगी, इसलिए कोई भी नया अनुबंध या महत्वपूर्ण दस्तावेज साइन करने से पहले भद्रा काल की समाप्ति का इंतज़ार करें।

  3. रोहिणी नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र में किए गए कार्यों में स्थिरता और सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है।

आज का उपाय

आज हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं और 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मंगल दोष शांत होता है और साहस में वृद्धि होती है।