इश्क का सीजन, गुलाबों का जश्न: जानें कहां से आता है आपके वैलेंटाइन का लाल गुलाब
नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही हवाओं में प्यार और गुलाब की खुशबू घुलने लगती है। 'वैलेंटाइन डे' (Valentine's Day) के मौके पर दुनिया भर में गुलाब के फूलों की मांग चरम पर होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके हाथों तक पहुँचने वाला यह खूबसूरत गुलाब कहाँ उगता है और भारत इस वैश्विक मांग को कैसे पूरा करता है?
यहाँ भारत में गुलाब के उत्पादन, प्रमुख राज्यों और इसकी सप्लाई चेन का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है:
1. भारत के 'रोज़ हब': कहाँ होता है सबसे ज्यादा उत्पादन?
भारत में गुलाब की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। उत्पादन के मामले में कुछ राज्य अग्रणी हैं:
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कर्नाटक: बेंगलुरु को भारत की 'फ्लोरीकल्चर कैपिटल' कहा जाता है। यहाँ से दुनिया भर में उच्च गुणवत्ता वाले गुलाब निर्यात किए जाते हैं।
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तमिलनाडु: यहाँ का होसुर क्षेत्र गुलाब उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है, जहाँ से वैलेंटाइन सीजन में करोड़ों गुलाब बाहर भेजे जाते हैं।
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महाराष्ट्र: पुणे और नासिक के इलाके अपनी जलवायु के कारण डच गुलाबों (Dutch Roses) के उत्पादन के लिए मशहूर हैं।
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पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश: इन राज्यों में भी गुलाब की खेती तेजी से बढ़ रही है।
2. वैलेंटाइन डे पर भारी डिमांड
वैलेंटाइन वीक के दौरान गुलाब की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले 10 से 20 गुना तक बढ़ जाती है। भारत न केवल अपनी घरेलू मांग को पूरा करता है, बल्कि खाड़ी देशों, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी गुलाबों का भारी निर्यात करता है। साल 2026 में भी भारतीय किसानों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी की है।
3. कैसे काम करती है 'सप्लाई चेन'?
खेत से लेकर आपके हाथों तक गुलाब का पहुँचना एक जटिल प्रक्रिया है:
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कटाई: फूलों को खिलने से ठीक पहले सुबह के समय काटा जाता है ताकि उनकी ताजगी बनी रहे।
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कोल्ड स्टोरेज: कटाई के तुरंत बाद इन्हें 'प्री-कूलिंग' के लिए भेजा जाता है। तापमान नियंत्रण (Cold Chain) इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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ग्रेडिंग और पैकेजिंग: फूलों की लंबाई और पंखुड़ियों की गुणवत्ता के आधार पर उनकी छंटाई की जाती है।
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ट्रांसपोर्ट: हवाई जहाज और रेफ्रिजरेटेड ट्रकों के जरिए इन्हें मंडियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जाता है।
4. किसानों के लिए बड़ा अवसर
वैलेंटाइन सीजन किसानों के लिए मुनाफे का समय होता है। आधुनिक तकनीक (जैसे पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस) के इस्तेमाल से अब किसान साल भर बेहतरीन क्वालिटी के गुलाब उगा रहे हैं। सरकार भी 'मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर' (MIDH) के जरिए फूलों की खेती को बढ़ावा दे रही है।

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