राजमा खाने से होती है गैस? बनाने के तरीके में करें ये छोटा सा बदलाव, फिर बेझिझक उठाएं स्वाद का आनंद

राजमा खाने से होती है गैस? बनाने के तरीके में करें ये छोटा सा बदलाव, फिर बेझिझक उठाएं स्वाद का आनंद

नई दिल्ली। राजमा-चावल उत्तर भारत का एक बेहद लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्यंजन है, लेकिन कई लोग पेट में भारीपन और गैस की समस्या के डर से इसे खाने से परहेज करते हैं। राजमा में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे जटिल शुगर भी होते हैं जिन्हें पचाना शरीर के लिए मुश्किल हो सकता है। लेख के अनुसार, यदि राजमा को सही तकनीक से बनाया जाए, तो पाचन संबंधी इन समस्याओं से पूरी तरह बचा जा सकता है। सबसे पहला और जरूरी कदम यह है कि राजमा को पकाने से कम से कम 8 से 10 घंटे या पूरी रात के लिए पानी में भिगोकर रखा जाए। भिगोने से राजमा नरम हो जाता है और गैस पैदा करने वाले तत्व पानी में निकल जाते हैं। पकाने से पहले भिगोए हुए पानी को फेंक देना चाहिए और राजमा को ताजे पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए।

राजमा पकाते समय कुछ खास मसालों का उपयोग इसे सुपाच्य बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है। तड़का लगाते समय हींग, अदरक और अजवाइन का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए, क्योंकि ये प्राकृतिक रूप से गैस की समस्या को कम करते हैं। इसके अलावा, उबालते समय इसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा या अदरक का एक छोटा टुकड़ा डालने से इसके रेशे आसानी से टूट जाते हैं, जिससे पेट में भारीपन नहीं होता। अगर आप राजमा बनाने के इन पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाते हैं, तो आप बिना किसी एसिडिटी या पेट दर्द की चिंता किए इस स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकते हैं। इन छोटे-छोटे बदलावों से राजमा न केवल स्वादिष्ट बनेगा, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।