बिलासपुर : शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, बच्चों की बेरहमी से पिटाई करने वाला शिक्षक सस्पेंड
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग ने अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ क्रूरता करने वाले एक शिक्षक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। स्कूल में छात्रों की बेरहमी से पिटाई करने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभाग की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है, जो स्कूलों में शारीरिक दंड को पूरी तरह प्रतिबंधित करती है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना बिलासपुर संभाग के एक सरकारी स्कूल की है, जहाँ एक सहायक शिक्षक ने छोटी सी गलती पर कई बच्चों को डंडे और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा था। पिटाई इतनी गंभीर थी कि कुछ बच्चों के शरीर पर चोट के निशान उभर आए थे। घटना के बाद आक्रोशित पालकों ने स्कूल में हंगामा किया और इसकी शिकायत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) और जिला प्रशासन से की थी।
जांच में सही पाए गए आरोप
शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर एक जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने स्कूल जाकर पीड़ित बच्चों और अन्य चश्मदीद शिक्षकों के बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षक का व्यवहार न केवल अमर्यादित था, बल्कि उन्होंने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के नियमों का भी खुला उल्लंघन किया था।
निलंबन और विभागीय कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने संबंधित शिक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक का मुख्यालय जिला शिक्षा कार्यालय नियत किया गया है।
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निलंबन का आधार: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम का उल्लंघन।
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आगे की प्रक्रिया: निलंबन के साथ ही शिक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच (Departmental Enquiry) भी शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर उनकी सेवा समाप्ति या वेतन वृद्धि रोकने जैसी बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
प्रशासन की चेतावनी
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इस मामले पर सख्त लहजे में कहा है कि किसी भी स्कूल में बच्चों के साथ मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें और उन्हें समझाने के लिए मनोवैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करें, न कि बल का।

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