सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा की समस्याएं रहीं तो कलेक्टरों को देना होगा जवाब

Susashan Tihar

सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा की समस्याएं रहीं तो कलेक्टरों को देना होगा जवाब

प्रदेश में एक मई से सुशासन तिहार 

रायपुर। प्रदेश में एक मई से सुशासन तिहार शुरू होने वाला है। इससे पहले 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को लंबित भू-अधिकार, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, मनरेगा मजदूरी, प्रमाण पत्र जारी करने, बिजली आपूर्ति, हैंडपंप सुधार जैसे जनता से जुड़े मामले निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन जिलों में जनता से जुड़े मामले लंबित होंगे उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। क्योंकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के माध्यम से किसी भी गांव का औचक निरीक्षण कर वहां की जनता से संवाद कर उनकी समस्याओं से रूबरू होंगे।

दरअसल सुशासन तिहार एक ऐसा अभियान है जो प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी को खत्म करके सरकारी सेवाओं को सीधे उनके दरवाजे तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर शुरू किया गया है। 1 मई से 10 जून तक चलने वाला यह महाअभियान जनता के रोजमर्रा के मुद्दों का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित कर रहा है, जिससे शासन का भरोसा और प्रभाव दोनों बढ़ रहे हैं। 

सरकार ने लक्ष्य रखा है कि अधिकांश शिकायतों का समाधान एक माह के भीतर पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों को समय पर राहत मिल सके। भूमि विवाद, मजदूरी भुगतान, प्रमाण पत्र, बिजली और पानी जैसी समस्याओं का निपटारा विशेष रूप से प्राथमिकता पर किया जा रहा है। इसके अलावा उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम कार्ड और कृषि–पशुपालन सहायता जैसी सेवाएं पात्र हितग्राहियों को तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।

अभियान के मुख्य बिंदुओं में 'हैंडपंप सुधार' और 'बिजली-ट्रांसफार्मर' को शामिल करना बताता है कि सरकार का फोकस बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ आम आदमी की उन छोटी समस्याओं पर है जो चुनाव में बड़ा मुद्दा बनती हैं। इसके अलावा जनता की सबसे मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए मिशन मोड में उज्ज्वला, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सात योजनाओं को 'पात्रता अनुसार' लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कोई भी पात्र इससे वंचित न रहे।