छत्तीसगढ़ में 'कोल्ड वेव' का कहर: अगले 3 दिनों के लिए कड़ाके की ठंड का अलर्ट; पारा 4 डिग्री तक गिरने की संभावना

छत्तीसगढ़ में 'कोल्ड वेव' का कहर: अगले 3 दिनों के लिए कड़ाके की ठंड का अलर्ट; पारा 4 डिग्री तक गिरने की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप जारी है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 72 घंटों (3 दिनों) के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

प्रमुख जिलों में कड़ाके की ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है। विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) और मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में ठंड का असर सबसे अधिक रहेगा।

  • सरगुजा और कोरिया: यहाँ पारा 4 से 5 डिग्री के आसपास पहुँचने की संभावना है, जिससे ओस की बूंदें जम सकती हैं।

  • रायपुर और दुर्ग: राजधानी समेत मध्य छत्तीसगढ़ में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे जा सकता है।

  • बस्तर संभाग: यहाँ भी शीतलहर के कारण कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

घने कोहरे का भी साया

तापमान गिरने के साथ-साथ सुबह के समय घने कोहरे (Dense Fog) की भी चेतावनी दी गई है। बिलासपुर और पेंड्रा रोड जैसे इलाकों में दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रशासन की तैयारी और एडवाइजरी

बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव (Bonfire) की व्यवस्था तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं:

  1. गर्म कपड़े: बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढंककर रखें।

  2. खान-पान: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करें।

  3. हीटर का प्रयोग: बंद कमरे में अंगीठी या कोयला जलाकर न सोएं, यह जानलेवा हो सकता है।

अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान:

क्षेत्र अपेक्षित न्यूनतम तापमान मौसम की स्थिति
उत्तरी छत्तीसगढ़ 4°C - 7°C तीव्र शीतलहर और पाला
मैदानी क्षेत्र 8°C - 11°C शुष्क मौसम और सुबह कोहरा
दक्षिणी छत्तीसगढ़ 10°C - 13°C हल्की शीतलहर

मौसम वैज्ञानिक का बयान: "उत्तर से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाओं की गति बढ़ने के कारण प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन ठंड का अहसास और बढ़ेगा।"