फूलों से सजी विधानसभा और घड़ी चौक देख कृषि मंत्री रामविचार नेताम हुए अभिभूत
ऐतिहासिक गांधी उद्यान में प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
रायपुर। राजधानी के ऐतिहासिक गांधी उद्यान में आयोजित तीन दिवसीय फल,फूल और सब्जी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शनिवार शाम प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम पहुंचे। उन्होंने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर फूलों से निर्मित विधानसभा एवं घड़ी चौक की विशेष सजावट की भूरी-भूरी प्रशंसा की। प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहनीय एवं प्रेरणादायी बताया। वही रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने भी पुष्प प्रदर्शनी का भ्रमण किया एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा आयोजित पुष्प प्रदर्शनी के अंतर्गत आज 10 जनवरी को सुबह नाबार्ड के तत्वावधान में एक दिवसीय तकनीकी एवं विशेषज्ञ व्याख्यान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 300 किसान भाइयों, स्व सहायता समूह, एनजीओ, एफपीओ, ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शीतांशु शेखर ने अपने संबोधन में बताया कि किस प्रकार नाबार्ड ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विकास हेतु वित्तीय सहायता प्रदान कर किसानों, स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमों को सशक्त बना रहा है।
विशेषज्ञ वक्ता अनंता शिंदे ने छत्तीसगढ़ में नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

डॉ. मेनका भारतीदासन ने माइक्रोग्रीन में व्यावसायिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन (संरक्षित खेती) के लाभ बताए।डॉ. एल. एस. वर्मा ने फूलों के माध्यम से व्यवसाय की संभावनाओं को रेखांकित किया।
डॉ. अनिल चौहान ने विभिन्न फल, फूल एवं पौधों की नर्सरी स्थापना के माध्यम से किसानों की आय कई गुना बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।
उद्यानिकी विभाग से कैलाश पैकरा ने शासन की विभिन्न योजनाओं से किसानों को होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. विजय जैन द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. जितेंद्र त्रिवेदी रहे। आयोजन की अध्यक्षता प्रकृति की ओर सोसायटी के अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी एवं दलजीत बग्गा ने की।

इस आयोजन को सफल बनाने में प्रकृति की ओर सोसायटी के समस्त सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें प्रमुख रूप से अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी, कार्यक्रम संयोजक डॉ. अनिल चौहान,सचिव निर्भय धारीवाल,
जयेश पीथालिया, डॉ. विजय जैन, डॉ. जितेंद्र त्रिवेदी, दलजीत बग्गा, डीके तिवारी, शिल्पी नागपुरे, मनीषा त्रिवेदी, सर्वत सेठी, लक्ष्मी यादव, चतर सिंह सलूजा, डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर , सुनीता चांसोरिया एवं ममता मिश्रा शामिल हैं।
प्रकृति की ओर सोसायटी का यह आयोजन कृषि, बागवानी, पुष्प उत्पादन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किसानों और आमजन को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।

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