डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर मिली 40 दिन की पैरोल; सुनारिया जेल से आएगा बाहर

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर मिली 40 दिन की पैरोल; सुनारिया जेल से आएगा बाहर

नई दिल्ली। दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 40 दिनों की पैरोल मंजूर कर दी गई है। आज, 4 जनवरी 2026 को मिली इस मंजूरी के बाद राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आएगा। साल 2017 में सलाखों के पीछे जाने के बाद से यह 15वां अवसर है जब डेरा प्रमुख को पैरोल या फरलो के जरिए जेल से अस्थाई रिहाई दी गई है। जेल प्रशासन और हरियाणा सरकार के इस फैसले को आगामी 25 जनवरी को डेरा के पूर्व प्रमुख शाह सतनाम जी महाराज के जन्मदिवस (भंडारे) से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए राम रहीम ने पैरोल की अर्जी दी थी।

सुरक्षा कारणों से राम रहीम के ठहरने के स्थान पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हालांकि पिछले कुछ समय से वह उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में अपनी पैरोल की अवधि बिताता रहा है, लेकिन इस बार चर्चा है कि वह सिरसा स्थित मुख्य डेरे में भी जा सकता है। पैरोल के नियमों के अनुसार, उसे इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, राजनीतिक गतिविधि या भड़काऊ बयानबाजी करने की अनुमति नहीं होगी। बार-बार मिलने वाली इस राहत पर विपक्षी दलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का तर्क है कि यह जेल मैनुअल के तहत एक नियमित प्रक्रिया है।

राम रहीम की इस रिहाई को लेकर हरियाणा और पड़ोसी राज्यों के पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। डेरा समर्थकों के बीच इस खबर को लेकर उत्साह है, वहीं पीड़ित पक्ष और कानून के जानकारों का मानना है कि इतनी बार पैरोल मिलना न्याय प्रक्रिया की गंभीरता को कम करता है। अब देखना यह होगा कि 40 दिनों की इस अवधि के बाद वह तय समय पर वापस जेल लौटता है या नहीं