पंचांग ​​13 अप्रैल : सोमवार को 'वरुथिनी एकादशी' का महाव्रत; जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पारण का समय

पंचांग ​​13 अप्रैल : सोमवार को 'वरुथिनी एकादशी' का महाव्रत; जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पारण का समय

नई दिल्ली : आज 13 अप्रैल 2026, सोमवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे शास्त्रों में 'वरुथिनी एकादशी' के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और समस्त पापों का नाश होता है। सोमवार का दिन होने के कारण आज भगवान विष्णु के साथ-साथ महादेव की कृपा पाने का भी अद्भुत संयोग बना है।

पंचांग की गणना के अनुसार आज के सूर्योदय, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का विवरण इस प्रकार है:

आज का पंचांग: मुख्य विवरण (13 अप्रैल 2026)

  • तिथि: एकादशी - दोपहर 01:43 PM तक, उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ।

  • दिन: सोमवार (Monday)

  • व्रत/त्योहार: वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi)

  • मास: वैशाख (पूर्णिमांत), चैत्र (अमांत) - विक्रम संवत 2083

  • नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद - शाम 06:01 PM तक, उसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र।

  • करण: बालव - दोपहर 01:43 PM तक, कौलव - रात 02:40 AM (14 अप्रैल) तक, फिर तैतिल।

  • योग: सौभाग्य - शाम 05:54 PM तक, उसके बाद शोभन योग।

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

  • सूर्योदय: सुबह 06:00 AM

  • सूर्यास्त: शाम 06:44 PM

  • चंद्रोदय: रात 02:51 AM (14 अप्रैल)

  • चन्द्रास्त: दोपहर 03:40 PM

  • चंद्र राशि: कुंभ राशि - दोपहर 12:21 PM तक, उसके बाद मीन राशि में प्रवेश।

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

एकादशी के दिन शुभ कार्यों के लिए ये समय उत्तम रहेंगे:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 AM से 12:48 PM तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 PM से 03:21 PM तक।

  • अमृत काल: सुबह 10:11 AM से 11:53 AM तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:28 AM से 05:14 AM तक।

अशुभ समय: राहुकाल और भद्रा (Inauspicious Timings)

  • राहुकाल: सुबह 07:35 AM से 09:11 AM तक। (इस समय में महत्वपूर्ण कार्य टालें)

  • यमगण्ड: सुबह 10:46 AM से 12:22 PM तक।

  • गुलिक काल: दोपहर 01:57 PM से 03:33 PM तक।

  • पंचक: आज पूरे दिन पंचक रहेगा।

वरुथिनी एकादशी: क्या करें और क्या न करें?

आज के दिन वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने वाले जातकों के लिए कुछ विशेष नियम हैं:

  1. दान का महत्व: आज के दिन अन्न और जल का दान करना स्वर्ण दान के समान फलदायी माना गया है।

  2. वर्जित कार्य: एकादशी तिथि पर चावल का सेवन वर्जित है। इसके अलावा आज के दिन कांसे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए।

  3. भगवान विष्णु की पूजा: भगवान मधुसूदन की पूजा करें और उन्हें खरबूजे का भोग लगाएं।

  4. एकादशी पारण समय: जो लोग आज व्रत रखेंगे, वे अगले दिन यानी 14 अप्रैल को सुबह 06:00 AM से 08:34 AM के बीच व्रत का पारण (खोलना) कर सकते हैं।

ग्रह गोचर का विशेष प्रभाव

आज दोपहर 12:21 PM पर चंद्रमा राशि परिवर्तन कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। मीन राशि के स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, जो चंद्रमा के मित्र ग्रह हैं। यह गोचर आध्यात्मिक कार्यों, शिक्षा और दान-पुण्य के लिए अत्यंत सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा।