नारी शक्ति वंदन अधिनियम: रायपुर में 15 अप्रैल को भाजपा का भव्य शक्ति प्रदर्शन, स्कूटर रैली और पदयात्रा से भरेगी हुंकार
रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब इसे जन-जन तक ले जाने के लिए बड़े अभियान की तैयारी में है। आगामी 15 अप्रैल को राजधानी रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सरोज पांडेय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा की।
राजनीति में नए युग का सूत्रपात: सरोज पांडेय
पूर्व सांसद सरोज पांडेय ने अधिनियम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि अब तक महिलाओं को केवल 'वोटर' के तौर पर देखा जाता था और आरक्षण के नाम पर सिर्फ राजनीति होती रही है। उन्होंने कहा:
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से अब महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ राजनीति के एक नए युग में प्रवेश करेंगी। जब बड़ी संख्या में महिलाएं संसद में बैठेंगी, तो इसके परिणाम भारतीय राजनीति की दिशा और दशा को पूरी तरह बदल देंगे।"
राजधानी में जुटेगी 'नारी शक्ति'
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व स्वयं महिलाएं करेंगी। इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय महिलाएं बड़ी संख्या में शिरकत करेंगी। यह कार्यक्रम महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा।
पदयात्रा और स्कूटी रैली से जनजागरण
भाजपा ने इस अधिनियम को लेकर संसद के साथ-साथ सड़क पर भी सक्रिय रहने का खाका तैयार किया है। अभियान के तहत निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
लोकसभा स्तर पर पदयात्रा: प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' का आयोजन कर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
स्कूटी व बाइक रैली: युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के सदस्य मिलकर भव्य रैली निकालेंगे।
सेलिब्रिटी भागीदारी: इस अभियान में समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाओं और सेलिब्रिटीज़ को भी जोड़ा जाएगा।
2023 अधिनियम का प्रभाव
नेताओं ने स्पष्ट किया कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023' के तहत आयोजित ये कार्यक्रम केवल राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के बेहतर कार्य प्रदर्शन और उनके नेतृत्व को स्वीकार करने का उत्सव है। भाजपा नेत्रियों का मानना है कि महिलाओं ने जिस भी क्षेत्र में जिम्मेदारी संभाली है, वहां बेहतर परिणाम दिए हैं और अब यही प्रभाव देश की सर्वोच्च पंचायत (संसद) में भी दिखाई देगा।

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