फर्जी नियुक्ति पत्र कांडः डिजिटल हस्ताक्षरों का दुरुपयोग, कई अभ्यर्थी हुए शिकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। इस कथित फर्जी आदेश में विभागीय सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया है, जो मामले को और गंभीर बनाता है। बताया जा रहा है कि यह फर्जी पत्र कई अभ्यर्थियों तक भी पहुंच चुका है।
मामले की शिकायत अनुभाग अधिकारी राजपाल बघेल द्वारा दर्ज कराई गई है। उन्होंने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती प्रक्रियाएं जारी हैं। इसी दौरान 5 मार्च 2026 की तिथि दर्शाते हुए नियुक्ति की अनुशंसा से जुड़ा एक फर्जी आदेश पत्र प्रसारित किया गया।
फर्जी आदेश में सचिव रजत कुमार और उप सचिव शिव कुमार सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं। साथ ही, इस आदेश को डाक के माध्यम से अभ्यर्थियों तक भेजे जाने की बात सामने आई है। पत्र में अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन और विभागीय प्रशिक्षण के बाद परीक्षा उत्तीर्ण करने की अपेक्षा के साथ नियुक्ति की अनुशंसा का उल्लेख किया गया है।
घटना के सामने आने के बाद मंत्रालय में अफरा-तफरी का माहौल है। दरअसल, वर्तमान में अधिकांश शासकीय कार्य ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जिसमें फाइलों की आवाजाही और अधिकारियों के हस्ताक्षर भी डिजिटल रूप में किए जाते हैं। ऐसे में इस घटना ने सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में विभाग के किसी अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता हो सकती है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।

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