विधानसभा का विशेष सत्र 30 को, सरकार लाएगी विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव

विधानसभा का विशेष सत्र 30 को, सरकार लाएगी विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव

रायपुर। राज्य सरकार ने 30 अप्रैल को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विपक्ष के खिलाफ  निंदा प्रस्ताव लाना है। यह कदम महिला आरक्षण कानून और डी-लिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के विरोध में उठाया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण यह महत्वपूर्ण विधेयक गिर गया। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इंडी गठबंधन ने देश की 70 करोड़ महिलाओं की उम्मीदों को तोड़ा है। 33 प्रतिशत आरक्षण न मिल पाने का पूरा दोष उन्होंने विपक्षी दलों पर मढ़ा।उ न्होंने रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में पंचायती राज में महिलाओं को 57 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है और विधानसभा में भी उनकी भागीदारी लगभग 21-22 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अंग्रेजों की नीति अपना रहे हैं और धर्म के नाम पर आरक्षण की बात कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को महिलाओं की नाराजगी का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।