रायपुर में महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव की धूम : दादाबाड़ी में पहली बार 1008 एकासना, प्रभात फेरियों से गूंजा शहर

रायपुर में महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव की धूम : दादाबाड़ी में पहली बार 1008 एकासना, प्रभात फेरियों से गूंजा शहर

रायपुर। भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव 2026 के तहत राजधानी में धार्मिक आस्था, सेवा और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। रविवार को श्री जिनकुशल सूरी जैन दादाबाड़ी तीर्थ में पहली बार 1008 एकासना का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने दिन में एक ही बार भोजन कर साधना का संकल्प लिया।


महोत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रेश शाह, महासचिव गोल्डी लूनिया, कोषाध्यक्ष विकास सेठिया, कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत बैद और सचिव आनंद जैन ने बताया कि यह आयोजन स्व. वीरचंद डागा की स्मृति में श्रीमती सरोज देवी की प्रेरणा से हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इस अवसर पर लाभार्थी परिवार का सम्मान भी किया गया।


मुख्यमंत्री को दिया आमंत्रण
महोत्सव समिति ने विष्णुदेव साय को 31 मार्च को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में आने की सहमति दी।


मेहंदी संध्या और नृत्य नाटिका ने बांधा समां
दादाबाड़ी में “मेहंदी राचन लागी, श्रमण वीर नाम री” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दोपहर से शाम तक चले इस आयोजन में मेहंदी स्पर्धा, गेम्स, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। साथ ही भगवान महावीर के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला मंडलों का विशेष सहयोग रहा।


शिविर में उमड़ी भीड़
जैन एडवोकेट्स ग्रुप द्वारा लगाए गए तीन दिवसीय शिविर में अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए बड़ी संख्या में समाजजन पहुंचे। दूसरे दिन 100 से अधिक आवेदन जमा हुए, वहीं 105 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए।


प्रभात फेरी से गूंजा देवेंद्र नगर
महोत्सव के तहत देवेंद्र नगर में भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बच्चे, महिलाएं और धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सफेद और केसरिया वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। प्रभात फेरी श्री शीतलनाथ जिनालय से शुरू होकर वर्धमान वाटिका तक पहुंची।


15 दिनों तक चलेंगे आयोजन
महोत्सव समिति के अनुसार राजधानी के विभिन्न जैन मंदिरों से 15 दिनों तक प्रभात फेरियां निकाली जा रही हैं। पूर्व मंत्री राजेश मूणत के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला लगातार जारी है। महोत्सव ने शहर में आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकजुटता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।