"प्रकृति की ओर सोसाइटी" द्वारा 22 फरवरी को "जीवंत हर्बल गुलाल का सजीव प्रदर्शन और प्रशिक्षण"

"प्रकृति की ओर सोसाइटी" द्वारा 22 फरवरी को "जीवंत हर्बल गुलाल का सजीव प्रदर्शन और प्रशिक्षण"

रायपुर। रंगों के त्योहार होली के अवसर पर पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रकृति की ओर सोसाइटी द्वारा हर्बल गुलाल बनाने की सरल विधि पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में डॉ. नारायण साहू, अधिष्ठाता एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय ,दुर्ग, मुख्य वक्ता के रूप में एवं श्रीमती रूना शर्मा सौंदर्य विशेषज्ञ, अभिनेत्री एवं समाजसेवी भी वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। 

प्रकृति की और सोसायटी के अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी एवं सचिव निर्भय धाडीवाल का कहना है होली उत्साह के साथ खेले, मगर सावधानी पूर्वक,बदलते जमाने के साथ होली पर  रंगों ने भी रंग बदल लिया है। प्राकृतिक रंग अब कम ही उपलब्ध होते हैं कृत्रिम रंगों में रासायनिक तत्व की मिलावट होती जा रही है यह गुलाल  रंग हमारी त्वचा आंखों में घाव के साथ ही रोशनी तक कम कर सकती है अभी गुलाल की धूल से  दमा, सांस एवं त्वचा के रोगो को जन्म दे रहा है यह हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर विषय है इस परिपेक्ष में प्रकृति की ओर सोसायटी ने आम लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सैनिक कल्याण भवन में निःशुल्क "जीवंत हर्बल गुलाल का सजीव प्रदर्शन और प्रशिक्षण" देगी।