छत्तीसगढ़ में आज से बदल गए शराब के दाम; महंगी विदेशी शराब हुई सस्ती, तो बीयर के शौकीनों की जेब पर बढ़ा बोझ
रायपुर: छत्तीसगढ़ में आज यानी 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही नई आबकारी नीति (New Excise Policy 2026-27) लागू हो गई है। राज्य सरकार ने शराब की कीमतों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बार की नीति में जहां प्रीमियम और महंगी विदेशी शराब की कीमतों में गिरावट देखी गई है, वहीं बीयर और देसी शराब के दामों में बढ़ोतरी की गई है।
इसके साथ ही, प्रदेश की शराब दुकानों के स्वरूप और पैकेजिंग में भी एक ऐतिहासिक बदलाव आज से प्रभावी हो गया है।
क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा?
-
महंगी विदेशी शराब (Premium Brands): नई नीति के तहत विदेशी शराब पर लगने वाली ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया गया है। अब उच्च श्रेणी की विदेशी शराब (Imported & Premium Liquor) पहले की तुलना में सस्ती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य पड़ोसी राज्यों से होने वाली तस्करी को रोकना और प्रीमियम सेगमेंट में राजस्व बढ़ाना है।
-
बीयर (Beer): बीयर के शौकीनों के लिए खबर थोड़ी मायूस करने वाली है। नई दर सूची के अनुसार, बीयर के प्रति केन और बोतल पर 10 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
-
देसी और मसाला शराब: आम जनता द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली देसी और मसाला शराब की कीमतों में भी 5 से 10 रुपये का इजाफा हुआ है।
कांच की जगह अब 'प्लास्टिक' की बोतलें
आज से छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब दुकानों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक (PET) बोतलों में बेची जाएगी।
-
कारण: सरकार का तर्क है कि कांच की बोतलों के टूटने (Breakage) से होने वाले नुकसान और परिवहन (Transport) की भारी लागत को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
-
फायदा: जानकारों के अनुसार, पैकेजिंग लागत कम होने से कुछ ब्रांड्स की कीमतों में 50 से 60 रुपये प्रति केस तक की कमी आ सकती है, जिसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
नई ड्यूटी संरचना (New Duty Slabs)
आबकारी विभाग के राजपत्र के अनुसार, विदेशी शराब पर ड्यूटी अब 'रिटेल सेल प्राइस' (RSP) के स्लैब के आधार पर तय होगी:
-
₹3500 तक की शराब: ₹475 प्रति प्रूफ लीटर ड्यूटी।
-
₹3501 से अधिक की शराब: ₹805 प्रति प्रूफ लीटर ड्यूटी।
-
बीयर और लो-अल्कोहल ड्रिंक: ₹120 से ₹175 प्रति बल्क लीटर तक टैक्स।
अन्य महत्वपूर्ण नियम
-
कोई नई दुकान नहीं: प्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान में संचालित दुकानों से ही बिक्री जारी रहेगी।
-
सख्ती: अवैध शराब और कोचियागिरी पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग ने विशेष उड़नदस्ते तैनात किए हैं। दुकानों पर स्टॉक की डिजिटल मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी गई है।

admin 





