होली पर सूतक का साया : दहन दो को, खेलेंगे चार को, तीन को लगेगा चंद्रग्रहण

होली पर सूतक का साया : दहन दो को, खेलेंगे चार को, तीन को लगेगा चंद्रग्रहण
रायपुर (चैनल इंडिया)।  इस बार होलिका दहन के अगले दिन होली नहीं खेली जाएगी बल्कि उसके एक दिन बाद रंगोत्सव होगा। यह स्थिति चंद्रग्रहण के कारण निर्मित हो रही है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि अर्थात 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। इसके अगले दिन रंग खेलने की परंपरा है, लेकिन चंद्रग्रहण होने के कारण लोग इस दिन रंग नहीं खेल सकेंगे। 
तीन मार्च को भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण दोपहर 3.20 बजे से लेकर शाम 6.47 बजे तक रहेगा। चूंकि यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक भारत में मान्य रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार तीन मार्च को ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 3:20 बजे से लेकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इस दौरान चंद्रोदय शाम 5:59 बजे के आसपास होगा, लेकिन ग्रहण से नौ घंटे पहले यानी सुबह 6:20 बजे से ही सूतक लग जाएगा। चूंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण शुरू हो चुका होगा इसलिए भारत में केवल ग्रहण का ‘मोक्ष ही दृश्यमान होगा।
चूंकि यह छाया रूप में भारत में दिखेगा इसलिए खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। तीन मार्च को लगने वाले खग्रास चंद्रग्रहण को पूरे एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा जाएगा। जानकारों के के मुताबिक, आजादी के बाद संभवत: पहली बार इस तरह की स्थिति निर्मित हो रही है, जब होलिका दहन के अगले दिन रंग न खेलकर एक दिन के अंतराल में होली खेली जाएगी।
नौ घंटे पूर्व सूतक प्रारंभ
महामाया मंदिर पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि  ऐसे में शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण और सूतक काल के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य, उत्सव या रंग खेलना वर्जित माना गया है। ऐसे में तीन मार्च के अगले दिन यानी चार मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा। ग्रहण प्रारंभ होने के नौ घंटे पूर्व सूतक प्रारंभ हो जाता है।