भीषण गर्मी में चौराहों पर सन्नाटा फिर भी सिग्नल्स पर रुकना मजबूरी

भीषण गर्मी में चौराहों पर सन्नाटा फिर भी सिग्नल्स पर रुकना मजबूरी

झुलसते नागरिकों को सिग्नल्स जंप करने पर चालान का खतरा

बंद होंगे सिग्नल तो बढ़ जाएगा ट्रैफिक का दबाव

रायपुर। बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप से बचने प्रदेशभर में अनेकों नवाचार किए जा रहे हैं। राज्य में स्कूल बंद कर दिया गया ताकि बच्चे इस तेज धूप में न झुलसे। कोरबा में चौक में शेड निर्माण कराया जा रहा है तो बिलासपुर में ट्रैफिक सिग्नलों को बंद कर दिया गया है ताकि लोगों को धूप में रूकना न पड़े। इधर, राशन दुकानों को दोपहर में बंद करने छूट देकर सुबह सात बजे खोलने और रात को नौ बजे बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। शहर के विभिन्न स्थानों पर प्याऊ खोले गए है, समाजसेवी संस्थाएं राहगीरों को छाछ-शरबत बांट रहे हैं। 

राजधानी में भीषण गर्मी पड़ रही है और पारा 42-43 के करीब है। अनुमान है कि यही स्थिति आगे भी बनी रहेगी। दोपहर को सड़कें सूनी रहने लगी है लेकिन फिर भी लोग ट्रैफिक सिग्नलों में रूकने मजबूर है। आलम यह है कि इस तेज धूप में बिना टोपी-चश्मे के दोपहिया वाहन चलाना मुश्किल है। ट्रैफिक सिग्नलों पर भीड़ नहीं है लेकिन लाल रंग की लाइट के आगे लोगों को मजबूरन रूकना पड़ रहा है। 

राजधानी में फिलहाल राहत नहीं

रायपुर के अग्रसेन धाम चौराहा, वीआईपी चौक, तेलीबांधा चौक, मरीन ड्राइव, भगत सिंह चौक, कचहरी चौक, घड़ी चौक, जयस्तंभ चौक, शारदा चौक के साथ फाफाडीह और देवेंद्र नगर जैसे मुख्य चौराहों पर एक सिग्नल पर करीब 45 सेकंड के लेकर एक मिनट तक रूकना पड़ता है। इस भीषण धूप लोग केवल अपने काम को लेकर ही घर से निकल रहे है। साथ ही बच्चे, बुजुर्ग और मरीजों को भी ट्रैफिक सिग्नलों पर रूकना पड़ रहा है। 

वर्ष 2022 में राजधानी के तत्कालीन एसपी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने अप्रैल-मई के दौरान करीब 45 दिनों तक शहर के सभी मुख्य ट्रैफिक सिग्नलों को बंद कराया था, ताकि लोगों को तेज धूप में ट्रैफिक सिग्नलों में रुकना न पड़े।

जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

भीषण गर्मी और लू के चलते जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजारी जारी की गई है। कलेक्टर ने सभी विभागों को अलर्ट रहने कहा है। बस स्टैंड, बाजार व सार्वजनिक स्थलों पर शीतल जल केंद्र के साथ कूलिंग शेल्टर में बनाए जा रहे हैं। जनजागरूकता अभियान के साथ लोगों से धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की अपील की गई है।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि बढ़ते गर्मी को देखते हुए हमने सर्वे कराया था लेकिन परिणाम यह रहा कि बाकि जिलों की तुलना में राजधानी की ट्रैफिक का वॉल्यूम अधिक है। हालांकि दोपहर को ट्रैफिक का दबाव कम जरूर रहता है लेकिन यदि सिग्नलों को बंद कर दिया जाए फिर भी वाहनों से जाम होगा।

रायपुर उत्तर के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि दोपहर को गर्मी ज्यादा रहती है और लोगों को राहत देने शहर में तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं। ट्रैफिक सिग्नलों को बंद करने के विषय पर पुलिस कमिश्नर से चर्चा कर लोगों को गर्मी से राहत दिलाने दिशा में हर संभव प्रयास किया जाएगा।

प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भीषण गर्मी के चलते राजधानी में दोपहर को ट्रैफिक सिग्नल बंद करने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।